भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में ‘जल संचय-जन भागीदारी अभियान’ की प्रगति साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश “नदियों का मायका” है, जहाँ 250 से अधिक नदियां प्रवाहित होती हैं। अभियान के प्रथम चरण में राज्य ने 2 लाख 79 हजार संरचनाएं निर्मित कीं, जबकि द्वितीय चरण में 1 लाख 37 हजार से अधिक कार्य पूर्णता और प्रगति पर हैं।
प्रमुख बिंदु:
- राष्ट्रीय रैंकिंग: जल संरक्षण के प्रयासों में मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर है, जबकि खंडवा जिला देश भर में प्रथम स्थान पर रहा।
- बांधों में अग्रणी: केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने बताया कि मध्यप्रदेश बांधों की संख्या में देश में दूसरे स्थान पर है।
- अंतरराज्यीय सहयोग: केन-बेतवा लिंक परियोजना से 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। साथ ही पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर राजस्थान के साथ सकारात्मक समन्वय की सराहना की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के कलेक्टर्स उपस्थित थे, जिन्होंने भूजल पुनर्भरण और नदी पुनर्जीवन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।