मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में जारी भीषण सैन्य टकराव अब अपने आठवें दिन में प्रवेश कर गया है, जिससे वैश्विक स्थिरता पर खतरा मंडराने लगा है। 28 फरवरी को तेहरान पर हुए शुरुआती हमले से भड़की यह चिंगारी अब एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुकी है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने हमलों का एक नया दौर शुरू किया है, जिसके तुरंत बाद तेहरान के एक प्रमुख वाणिज्यिक हवाई अड्डे के पास शक्तिशाली विस्फोटों की सूचना मिली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते की गुंजाइश तभी है, जब वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करे। ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि आत्मसमर्पण के पश्चात ईरान को ऐसे नए नेतृत्व का चयन करना चाहिए जो उनके प्रशासन की शर्तों और वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुकूल हो। यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका इस संघर्ष के माध्यम से ईरान में बड़े राजनीतिक बदलाव की अपेक्षा कर रहा है।
वहीं, युद्ध का दायरा पड़ोसी देशों तक फैल गया है। कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने शनिवार सुबह से शुरू हुई हमलों की कई लहरों को विफल किया है। कुवैत ने आसमान में ही 12 ईरानी ड्रोन और 14 बैलिस्टिक व क्रूज मिसाइलों को मार गिराया। हालांकि मिसाइलों के मलबे से मामूली संपत्ति का नुकसान हुआ है, लेकिन इन विस्फोटों की गूँज ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।
ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष शनिवार को और अधिक हिंसक हो गया। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) और ईरानी सेना के बीच मिसाइल युद्ध अब चरम पर है। शनिवार सुबह कुवैत के ऊपर आसमान में भारी गोलाबारी देखी गई, जहाँ कुवैती डिफेंस सिस्टम ने कुल 26 हवाई खतरों (12 ड्रोन और 14 मिसाइलें) को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह मलबे गिरने से हुआ मामूली नुकसान है, लेकिन हमलों की यह तीव्रता किसी बड़े खतरे की ओर इशारा कर रही है।
इजरायल के भीतर स्थिति पल-पल बदल रही है। सुबह के समय उत्तरी इजरायल के निवासियों को बम शेल्टर से बाहर आने की अनुमति दी गई थी क्योंकि उस क्षेत्र पर सीधा खतरा टल गया था। लेकिन कुछ ही घंटों बाद, इजरायली सेना ने तेल अवीव, मध्य इजरायल और वेस्ट बैंक के बड़े हिस्सों के लिए एक ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया। आईडीएफ ने ईरान से एक और बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण का पता लगाया है, जिसके बाद नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
तेहरान से मिल रही खबरें और भी चिंताजनक हैं, जहाँ एक कमर्शियल एयरपोर्ट के पास हुए धमाकों ने हवाई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। यह संघर्ष, जो शुरू में केवल हवाई जवाबी कार्रवाई तक सीमित था, अब ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के घातक खेल में बदल चुका है।