कोच्चि: भारत निर्वाचन आयोग ने केरल में 2026 के विधानसभा चुनावों की रणनीतियों और तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शनिवार को कोच्चि में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुकबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने चुनावी रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की शुरुआत लोकतंत्र के नायकों के सम्मान से हुई। आयोग ने पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं—अमृता, यानल सुलेमान और फेनल सारा जेफरसन—को सम्मानित किया। साथ ही, 96 वर्षीया पूर्व सरकारी दाई पीबी विशलम को उनकी निरंतर लोकतांत्रिक भागीदारी और राजीव पलारोथी को दिव्यांग अधिकारों के लिए उनके संघर्ष हेतु सराहा गया।
ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक तकनीक: मुख्य चुनाव आयुक्त ने केरल की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि यहाँ 1960 में देश की पहली आचार संहिता लागू हुई थी और 1982 में परावूर में पहली बार ईवीएम का प्रयोग हुआ था। आगामी चुनाव को और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें होंगी और सभी 30,471 मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी।
प्रमुख आंकड़े और सुविधाएं:
- कुल मतदाता: 2,69,53,644 (ऑस्ट्रेलिया और नॉर्वे जैसी आबादी से भी अधिक)।
- नए केंद्र: इस बार 5,000 नए बूथ जोड़े गए हैं।
- होम वोटिंग: 85 वर्ष से अधिक (2 लाख+) और दिव्यांग (2.43 लाख) मतदाताओं को घर से वोट डालने का विकल्प मिलेगा।
- युवा शक्ति: 18-19 आयु वर्ग के 4.24 लाख नए मतदाता इस बार हिस्सा लेंगे।