राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का आह्वान: व्यक्तित्व विकास के लिए ज्ञान के साथ नैतिकता और सेवा भाव अनिवार्य

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का आह्वान: व्यक्तित्व विकास के लिए ज्ञान के साथ नैतिकता और सेवा भाव अनिवार्य

भोपाल: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने संस्कारयुक्त शिक्षा पर जोर देते हुए कहा है कि जीवन में बड़ा बनने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण ‘अच्छा इंसान’ बनना है। वे सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान ‘प्रज्ञादीप’ में भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित संस्थान “समुत्कर्ष” के द्वितीय सत्र के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने विद्या भारती के पूर्व छात्रों और आचार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे विज्ञान, प्रशासन और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं, जो उनके संस्कारों का सुखद परिणाम है। उन्होंने कहा कि “तेरा वैभव अमर रहे माँ” की भावना ही राष्ट्र सेवा की असली प्रेरणा है। संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभा अवसर से वंचित न रहे, इस दिशा में “समुत्कर्ष” द्वारा कराई जा रही परीक्षाओं की तैयारी एक सराहनीय पहल है।

इस अवसर पर विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री रविन्द्र कान्हरे ने बताया कि संगठन देशभर में 30 हजार विद्यालय संचालित कर रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और राज्यपाल को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

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