वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 16 मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी माह में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 2.13% हो गई है। यह पिछले एक साल का सबसे ऊपरी स्तर है। तुलनात्मक रूप से देखें तो जनवरी 2026 में यह 1.81% और दिसंबर में महज 0.83% थी।
प्रमुख आंकड़े और प्रभाव:
- प्राइमरी आर्टिकल्स: रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की महंगाई 2.21% से बढ़कर 3.27% हो गई है।
- फूड इंडेक्स: खाद्य वस्तुओं की महंगाई में बड़ी उछाल देखी गई, जो -1.41% से बढ़कर 1.85% पर पहुंच गई है।
- रिटेल महंगाई: खुदरा महंगाई (CPI) में भी तेजी आई है, जो जनवरी के 2.74% के मुकाबले फरवरी में 3.21% दर्ज की गई।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। ऐसी स्थिति में माल ढुलाई महंगी होने से आम उपभोक्ता पर बोझ बढ़ना तय है।