देश में सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निगरानी अभियान में अभूतपूर्व तेजी दिखाई है। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2022-23 से 2024-25) के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने देशभर में 5,18,559 नमूनों का विश्लेषण किया है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई जांच के दौरान मानकों पर खरे न उतरने वाले 88,192 मामलों में भारी जुर्माना लगाया गया है। सरकार की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस अवधि में 3,614 मामलों में दोष सिद्धि हुई और नियमों का उल्लंघन करने वाली 1,161 इकाइयों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। दूध, घी, पनीर, शहद और मसालों जैसे रोजमर्रा के उत्पादों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।