सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागृह में मंगलवार को 30वां दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने की, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। समारोह में 74 विद्यार्थियों को उपाधियां और 107 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) प्रदान किए गए। सुश्री श्वेता तलेसरा को वाणिज्य विषय में ‘डी-लिट’ की उपाधि से अलंकृत किया गया।
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि उपाधि प्राप्त करना केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि समाज के उत्थान की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता और गुरुजनों के प्रति सदैव आभारी रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 51 लाख रुपये, 5 ड्रोन और एक बस देने की घोषणा की। उन्होंने ₹17 करोड़ की लागत से नवनिर्मित कृषि अध्ययनशाला और भर्तृहरि छात्रावास का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने उज्जैन को ज्ञान-विज्ञान का वैश्विक केंद्र बताते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा के लिए चुना था।