ईरान के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 200 बिलियन डॉलर (लगभग 16.5 लाख करोड़ रुपये) के युद्ध वित्त पोषण (War Funding) अनुरोध ने अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ में एक नया राजनीतिक युद्ध छेड़ दिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, न केवल विपक्षी डेमोक्रेट्स बल्कि राष्ट्रपति की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस भारी-भरकम राशि के पीछे की रणनीति और समयसीमा को लेकर गहरा संदेह पैदा हो गया है।
सांसदों की आपत्तियां:
- अस्पष्ट रणनीति: सांसदों का कहना है कि प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह पैसा कहाँ खर्च होगा और अमेरिकी सेना कितने समय तक इस संघर्ष में शामिल रहेगी।
- अमेरिका फर्स्ट बनाम अनंत युद्ध: रिपब्लिकन प्रतिनिधि लॉरेन बोएबर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह किसी भी युद्ध बजट के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “कोलोराडो के लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, हमें ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीतियों की जरूरत है, विदेशी युद्धों की नहीं।”
- वित्तीय ऑडिट की मांग: थॉमस मैसी और चिप रॉय जैसे नेताओं ने सवाल उठाया है कि क्या यह $200 बिलियन केवल शुरुआत है जो आगे चलकर एक ट्रिलियन डॉलर में बदल जाएगी।