सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी कि दो भारतीय जहाज – पाइन गैस और जग वसंत – एलपीजी के साथ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव Rajesh Kumar Sinha ने बताया कि पाइन गैस जहाज में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी है और यह 27 मार्च को न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचेगा।
वहीं, जग वसंत जहाज में 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और यह 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा। इसके अलावा, 20 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दोनों जहाजों को सुरक्षित मार्ग की मंजूरी मिलने के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई। आमतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में लगभग 14 घंटे का समय लगता है।
यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, जिससे समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ था। जग वसंत जहाज ने कुवैत से एलपीजी लोड किया था, जबकि पाइन गैस यूएई के रुवैस से कार्गो लेकर आया है। पहले यह जहाज इस मार्ग पर फंसे हुए थे, लेकिन अब इन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है।
इस महीने की शुरुआत में भी दो अन्य भारतीय जहाज इसी मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार वैश्विक तेल संकट से देशवासियों को बचाने और ऊर्जा आपूर्ति के अंतरराष्ट्रीय मार्गों को सुचारू बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।
उन्होंने जोर दिया कि देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है, विशेषकर ईंधन परिवहन और समुद्री मार्गों में। वर्तमान में भारत का लगभग 90 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है, जिससे वैश्विक संकट या युद्ध के समय जोखिम बढ़ जाता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत लगभग 70,000 करोड़ रुपए की लागत से भारतीय जहाजों के निर्माण और विकास को बढ़ावा दे रही है, ताकि देश की आपूर्ति श्रृंखला वैश्विक परिस्थितियों से सुरक्षित रहे।