भोपाल: मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए बुधवार का दिन विशेष सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘सूर्य-मित्र कृषि फीडर’ योजना के माध्यम से खेती को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक समारोह में उन विकासकों को अनुबंध बांटे जाएंगे जो प्रदेश के कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से संचालित करेंगे।
खेती पर प्रभाव: यह योजना विशेष रूप से उन कृषि पंपों के लिए लाभकारी है जो वर्तमान में पारंपरिक ग्रिड पर निर्भर हैं। अब सब-स्टेशनों के सोलराइजेशन से किसानों को खेती के लिए दिन के वक्त बिजली मिल सकेगी, जिससे रात में सिंचाई करने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह योजना कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सूर्य-मित्र कृषि फीडर’ योजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक (MD) श्री अमनवीर सिंह बैंस ने जानकारी दी कि पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से योग्य निवेशकों और विकासकों का चयन किया गया है।
प्रमुख तकनीकी पक्ष:
- दीर्घकालिक साझेदारी: चयनित विकासकों के साथ अगले 25 वर्षों तक बिजली की खरीद के लिए अनुबंध (Power Purchase Agreement) हस्ताक्षरित किए गए हैं।
- चयन प्रक्रिया: निविदाओं में विभिन्न क्षेत्रों के विकासकों ने हिस्सा लिया, जिनमें से आवश्यक योग्यताएं पूरी करने वाले निवेशकों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
- वितरण कार्यक्रम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन चयनित निवेशकों को बुधवार सुबह 11:30 बजे आधिकारिक अनुबंध पत्र सौंपेंगे। इस कदम से राज्य में कृषि बुनियादी ढांचे को सौर ऊर्जा से मजबूती मिलेगी।