केंद्र सरकार ने बुधवार को जानकारी दी कि देश में ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से फरवरी तक) के दौरान कुल आरक्षित टिकटों में डिजिटल बुकिंग की हिस्सेदारी 48.25 करोड़ रही, जो कुल बुकिंग का 88 प्रतिशत है।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आईआरसीटीसी के जरिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की बढ़ती प्रवृत्ति ने यात्रियों के लिए टिकट लेना काफी आसान बना दिया है। इससे लोगों को आरक्षण काउंटरों पर जाने की जरूरत कम हुई है, साथ ही समय और खर्च दोनों में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा भारतीय रेलवे की सबसे यात्री-केंद्रित पहलों में शामिल हो चुकी है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में लगभग 88 प्रतिशत आरक्षित टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए जा रहे हैं।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आईआरसीटीसी इस ऑनलाइन सुविधा को सुचारु रूप से चलाने के लिए लगातार निवेश करता है। टिकटिंग सिस्टम के रखरखाव, उन्नयन और विस्तार पर होने वाले खर्च को संतुलित करने के लिए संस्था द्वारा बहुत ही मामूली सुविधा शुल्क लिया जाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली अब भारतीय रेलवे की प्रमुख यात्री-हितैषी सेवाओं में से एक बन गई है। डिजिटल बुकिंग के बढ़ते चलन के साथ, अधिकांश यात्री अब ऑनलाइन माध्यम को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
निष्पक्षता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं के लिए ही ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। इस कदम से फर्जी खातों के इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिली है और वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट मिलने की संभावना बढ़ी है।
अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 के दौरान 3.04 करोड़ उपयोगकर्ता खातों को निष्क्रिय किया गया, जबकि 2.94 करोड़ खातों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया। इन निलंबित खातों को बाद में पुनः सक्रिय करने का विकल्प भी दिया गया।
उन्होंने आगे बताया कि 1 जनवरी 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच कुल 1,80,474 उपयोगकर्ता खातों को फिर से सक्रिय किया गया है।
इसके अलावा, आईआरसीटीसी ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं में भी सुधार किया है। एंटी-बॉट तकनीक के माध्यम से लगभग 64 प्रतिशत संदिग्ध या अवांछित ट्रैफिक को रोका जा रहा है, जिससे वास्तविक उपयोगकर्ताओं को बेहतर बुकिंग अनुभव मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 28 फरवरी 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 13,023 संदिग्ध ईमेल डोमेन को भी ब्लॉक किया गया है, जिससे ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाया जा सका है।