30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1636 अंक यानी 2.22% की गिरावट के साथ 71,948 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 488 अंक यानी 2.14% गिरकर 22,331 पर आ गया।
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला, जहां व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई। बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को माना जा रहा है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 2% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले यह कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का भी असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में ज्यादातर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। जापान का निक्केई इंडेक्स 2.79% गिरकर 51,886 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.97% गिरकर 5,277 पर आ गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.81% टूटकर 24,750 पर बंद हुआ। हालांकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स मामूली 0.24% बढ़त के साथ 3,923 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों में भी 27 मार्च को गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स इंडेक्स 793 अंक यानी 1.73% गिरकर 45,166 पर बंद हुआ। टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक कंपोजिट 2.15% टूटकर 20,948 पर आ गया। वहीं S&P 500 इंडेक्स 108 अंक यानी 1.67% गिरकर 6,368 पर बंद हुआ।
इससे पहले 27 मार्च को भी भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई थी। उस दिन सेंसेक्स 1690 अंक यानी 2.25% गिरकर 73,583 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 486 अंक यानी 2.09% टूटकर 22,820 के स्तर पर आ गया था।