विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने कहा है कि मतदान के दिन सभी पात्र कर्मचारियों को सवेतन अवकाश प्रदान किया जाएगा और इस दौरान उनके वेतन में कोई कटौती नहीं होगी।
प्रेस विज्ञप्ति में आयोग ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के अनुसार, हर उस व्यक्ति को, जो मतदान के लिए पात्र है और किसी संस्थान में कार्यरत है, मतदान के दिन छुट्टी मिलनी चाहिए। यह नियम व्यापार, उद्योग और अन्य सभी प्रकार के प्रतिष्ठानों पर लागू होगा। आयोग ने यह भी कहा है कि यदि कोई नियोक्ता इस प्रावधान का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारियों को भी इस सुविधा में शामिल किया गया है।
ईसीआई ने आगे कहा कि ऐसे कर्मचारी जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर काम कर रहे हैं, लेकिन उसी क्षेत्र के मतदाता हैं जहां मतदान होना है, उन्हें भी सवेतन अवकाश दिया जाएगा ताकि वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश को प्रभावी रूप से लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि 15 मार्च को आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी। इसके साथ ही गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम भी घोषित किया गया था।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। इसी दिन गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की कुछ सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। तमिलनाडु तथा गुजरात और महाराष्ट्र की कुछ सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी।