देश के मौसम में एक साथ दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के सक्रिय होने से भारी बदलाव आया है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से लेकर मध्य भारत के मैदानों तक कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के चारों प्रमुख धाम—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। राज्य के निचले हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
राज्यों की स्थिति:
- राजस्थान: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और नागौर जैसे जिलों में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे हैं। भरतपुर में एक दुखद घटना में मकान पर बिजली गिरने से सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। राज्य में औसत तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
- उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ समेत 47 जिलों में बारिश का अलर्ट है। मेरठ, बरेली और शाहजहांपुर में ओलावृष्टि हुई है। पिछले एक सप्ताह में आंधी-बिजली की चपेट में आने से 15 लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
- मध्य प्रदेश: यहाँ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं, जिससे भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
- हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: शिमला के कुफरी और नारकंडा में ताज़ा बर्फबारी हुई है। वहीं, जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।