मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति आने वाली है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘स्टेकहोल्डर कंस्यूलेशन वर्कशॉप’ में घोषणा की कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की योजना के तहत देश में बनने वाले पाँच विशेष रीजनल मेडिकल हब में से एक मध्यप्रदेश में बनेगा। इसके लिए इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर को सबसे उपयुक्त स्थल माना गया है।
हब के लाभ और संभावनाएं:
- रोजगार और अर्थव्यवस्था: इस हब के निर्माण से मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा, जिससे न केवल विदेशी मुद्रा आएगी बल्कि रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।
- भौगोलिक लाभ: इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर के 100 किलोमीटर के दायरे में दो ज्योतिर्लिंग (महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर) स्थित हैं। यहाँ की हवाई और रेल कनेक्टिविटी तथा मजबूत बुनियादी ढांचा इसे मेडिकल हब के लिए आदर्श बनाता है।
- विदेशी मरीजों का आगमन: बेहतर रिहैबिलिटेशन और आयुष सेवाओं के कारण मध्य एशिया, यूरोप और अफ्रीकी देशों से मरीज इलाज के लिए मध्यप्रदेश आएंगे।