मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को राजधानी के तात्या टोपे नगर स्थित दशहरा मैदान में आयोजित ‘महानगर मेला उत्सव’ को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व: मुख्यमंत्री ने मेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये आयोजन न केवल आपसी भाईचारा बढ़ाते हैं, बल्कि लघु व्यापारियों को एक सशक्त मंच और उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत का सामान एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने भीषण गर्मी में इस सफल आयोजन के लिए समिति की सराहना की।
स्वदेशी और श्रीअन्न पर जोर: डॉ. यादव ने वोकल फॉर लोकल पर जोर देते हुए कहा कि मेलों में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’ का जिक्र करते हुए मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
तीर्थ स्थलों का विकास: धार्मिक विरासत पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं की साक्षी रही है। चित्रकूट, ओरछा और उज्जैन जैसे पवित्र स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ सके। इस अवसर पर उन्होंने स्मारिका का विमोचन किया और आकाश में गुब्बारे छोड़कर उत्सव का शुभारंभ किया।