अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Dr. B. R. Ambedkar के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर बाबा साहेब के राष्ट्र निर्माण में किए गए प्रयासों को अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
प्रधानमंत्री ने एक थ्रोबैक वीडियो साझा किया, जिसमें वे कहते नजर आते हैं कि यह दिन देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया और समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई।
पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि बाबा साहेब ने कभी अपने व्यक्तिगत सम्मान की चिंता नहीं की, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों को समान अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। अपमान और कठिनाइयों के बावजूद वे अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद उनकी सरकार ने अंबेडकर के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। महू स्थित जन्मभूमि, लंदन की शिक्षा स्थली, दिल्ली की महापरिनिर्वाण स्थली और नागपुर की दीक्षा भूमि को विकसित कर ‘पंचतीर्थ’ के रूप में स्थापित किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के मार्गदर्शन में देश तेजी से गरीबों, दलितों और वंचितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने संविधान के माध्यम से सभी वर्गों को समान अधिकार और अवसर प्रदान कर भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। उन्होंने यह भी कहा कि अंबेडकर ने देश की एकता और अखंडता के लिए धारा 370 का विरोध किया था। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि देश सेवा का संकल्प हर चुनौती को छोटा बना देता है।
राज्यसभा सदस्य Nitish Kumar ने बाबा साहेब को संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक और सामाजिक न्याय के अग्रदूत के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने संविधान के जरिए समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ आधार प्रदान किया, जो आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।
पूर्व भाजपा अध्यक्ष J. P. Nadda ने भी अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सामाजिक परिवर्तन का वाहक और संविधान का शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के आधार पर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंबेडकर के विचार देश को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।