मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जन्मभूमि महू (डॉ. अम्बेडकर नगर) पहुँचकर उनकी जयंती समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब एक ऐसे युगदृष्टा थे जिन्होंने हजार वर्षों की गुलामी की बेड़ियाँ काटने और समाज में समानता लाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान विश्व में सर्वश्रेष्ठ है और देश इसी के अनुरूप प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने डॉ. अम्बेडकर को महिला अधिकारों का प्रबल समर्थक बताते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को संपत्ति में अधिकार, मातृत्व अवकाश और ‘समान काम-समान वेतन’ जैसे प्रगतिशील विचार दिए। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार जल्द ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पूर्ण रूप से लागू करने जा रही है, जो बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया और पाँच समाजसेवियों को ‘भीमरत्न अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया।