भारत ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में आ रहे व्यवधानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि व्यापारिक जहाजों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जापान द्वारा आयोजित ‘एशिया जीरो एमिशन कम्युनिटी (AZEC) प्लस’ की ऑनलाइन बैठक में भारत का पक्ष रखते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास के लिए सुरक्षित और निर्बाध समुद्री परिवहन समय की मांग है।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत एक बड़ा उपभोक्ता होने के नाते सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि ऊर्जा बाजारों की स्थिरता तभी संभव है जब समुद्री मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इस वर्चुअल शिखर सम्मेलन में मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान सहित कई एशियाई देशों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। फिलीपींस के राष्ट्रपति ने इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि का जिक्र करते हुए वैश्विक तेल आपूर्ति में आने वाले झटकों पर चिंता जताई।