ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक क्षेत्र में युद्ध पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता और स्थायी शांति बहाल नहीं होती, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ट्रैफिक पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण और निगरानी जारी रहेगी। यह घोषणा ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय’ के उस बयान के बाद आई है, जिसमें अमेरिका की निरंतर नौसैनिक नाकेबंदी को देखते हुए फिर से सख्त नियंत्रण लागू करने की बात कही गई है।
परिषद ने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले हर जहाज को अपनी जानकारी साझा करनी होगी। ईरान न केवल उन्हें आने-जाने की अनुमति प्रदान करेगा, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के एवज में शुल्क भी वसूलेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक ‘दुश्मन’ नौसैनिक नाकेबंदी जैसे तरीकों से संघर्ष-विराम का उल्लंघन करेगा, तब तक जलडमरूमध्य को सशर्त और सीमित रूप से ही खोला जाएगा।
ईरान ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को भेजी जाने वाली रसद इसी मार्ग से जाती है, जो उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है। इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के माध्यम से अमेरिका द्वारा भेजे गए शांति प्रस्तावों पर ईरान विचार कर रहा है, हालांकि ईरानी वार्ताकारों ने देश के हितों से समझौता न करने की कसम खाई है। ज्ञात हो कि यह तनाव 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद शुरू हुआ था।