गुजरात में स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए रविवार सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। राज्य की 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदाता शाम 6 बजे तक वोट डाल सकेंगे। चुनाव आयोग के अनुसार, यदि किसी मतदान केंद्र पर आवश्यकता पड़ती है, तो अगले दिन पुनर्मतदान कराया जाएगा। सभी सीटों के चुनावी परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।
इस चुनावी महाकुंभ में कुल 9,992 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके भाग्य का फैसला 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे। प्रमुख शहरों की बात करें तो अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसी बड़ी नगर निगमों में भी आज वोट डाले जा रहे हैं। हालांकि, गांधीनगर और जूनागढ़ में वर्तमान नगर निगमों का कार्यकाल अभी शेष है, इसलिए वहां चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। इसी के साथ 11 नगरपालिकाओं की रिक्त सीटों पर उपचुनाव भी संपन्न हो रहे हैं।
राजनीतिक समीकरणों पर गौर करें तो साल 2021 के पिछले स्थानीय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था। भाजपा ने कुल 8,470 सीटों में से 6,236 पर जीत दर्ज की थी, जिसमें सभी 6 नगर निगमों सहित 81 नगरपालिकाओं और 32 जिला पंचायतों पर अपना कब्ज़ा बरकरार रखा था। वहीं, पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात की राजनीति में तीसरी शक्ति के रूप में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी, विशेषकर सूरत नगर निगम में 120 में से 27 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था।
इस बार का मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है क्योंकि ‘आप’ इस बार 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इनके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM), जिसने पिछले बार अहमदाबाद में 7 पार्षदों के साथ खाता खोला था, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।