जापान के उत्तरी हिस्से, विशेषकर होक्काइडो द्वीप पर सोमवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई है। राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतने और अलर्ट रहने की चेतावनी दी है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र होक्काइडो के साराबेत्सु शहर से 18 किलोमीटर पश्चिम में जमीन से करीब 81 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है और न ही इसके लिए कोई आधिकारिक एडवाइजरी जारी की गई है। प्रधानमंत्री ताकाइची ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि होक्काइडो के उराहोरो कस्बे में झटके सबसे तीव्र (जापानी सीस्मिक स्केल पर 5-लो) दर्ज किए गए।
भूकंप के तुरंत बाद जापानी सरकार सक्रिय हो गई है। पीएम ताकाइची के अनुसार, ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफिस क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर’ और ‘कम्युनिकेशन रूम’ को तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर दिया गया है। सरकार की प्राथमिकता नुकसान की स्थिति का सटीक आकलन करना और जनता तक सही जानकारी पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जिन क्षेत्रों में कंपन अधिक था, वहां के लोग आने वाले समय में भी इसी तरह की तीव्रता के झटकों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।
जापान की मॉनिटरिंग एजेंसी के अधिकारियों ने आगाह किया है कि तीव्र झटकों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का जोखिम काफी बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह के दौरान इस क्षेत्र में समान तीव्रता वाले और भी भूकंप आने की प्रबल संभावना है। उल्लेखनीय है कि ठीक एक सप्ताह पहले जापान में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसके बाद प्रशासन ने उत्तर-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में ‘मेगाक्वेक’ (बड़े भूकंप) की आशंका को लेकर हाई-अलर्ट जारी किया था।