उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर-भारत के कई राज्यों में सोमवार को भीषण गर्मी ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। उत्तर प्रदेश का बांदा शहर 47.6°C तापमान के साथ विश्व का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जिसने अपने ही पुराने रिकॉर्ड (47.4°C) को पीछे छोड़ दिया। राजस्थान के जैसलमेर में भी पारा 46.6°C तक जा पहुंचा, जो इस क्षेत्र में अप्रैल माह का अब तक का उच्चतम स्तर है। मध्य प्रदेश के खजुराहो में गर्मी ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 46°C का आंकड़ा छुआ।
बढ़ते संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विशेष स्वास्थ्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों को ‘हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट’ सक्रिय करने का आदेश दिया गया है। ये इकाइयां आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षेत्र की तरह काम करेंगी, जहां बर्फ के पानी, कूलिंग ब्लैंकेट और अंतःशिरा तरल पदार्थ (IV fluids) के माध्यम से मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत कम करने की व्यवस्था होगी। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन की बसों में शीतल जल और बस स्टॉप पर ओआरएस (ORS) के पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल अप्रैल में अब तक 45 बार देश के विभिन्न केंद्रों पर पारा 45°C के पार जा चुका है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। हालांकि, मंगलवार से एक नया ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और पंजाब सहित 13 राज्यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। बिहार के 36 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जहां 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राहत का यह दौर मई के पहले सप्ताह तक खत्म होने की उम्मीद है, जिसके बाद लू का प्रकोप और बढ़ सकता है।