मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1842 की बुंदेला क्रांति के महानायक राजा हिरदेशाह लोधी की 168वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ को संबोधित किया। राजधानी के जंबूरी मैदान पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य शासन राजा हिरदेशाह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर विस्तृत शोध कराएगी और उनके जीवन के गौरवशाली पहलुओं को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘नर्मदा टाइगर’ के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि वे उन विस्मृत नायकों में से थे, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सबसे पहले संगठित विद्रोह का नेतृत्व किया था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजा हिरदेशाह की वीरता आज भी लोक गीतों और जनमानस के हृदय में जीवित है। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि नर्मदा तट स्थित हीरापुर में राजा हिरदेशाह की स्मृति में एक भव्य तीर्थ स्थल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘नर्मदा टाइगर राजा हिरदेशाह’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो समाज अपने महापुरुषों के संघर्ष का सम्मान करता है, वही प्रगति पथ पर आगे बढ़ता है।
प्रदेश सरकार के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रानी अवंतीबाई के सम्मान में सागर में विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ-साथ अब हर नगरीय निकाय में ‘गीता भवन’ और जनपदों में ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने युवाओं से शिक्षित और संस्कारवान बनने का आह्वान करते हुए कहा कि राजा हिरदेशाह ने 1842 से 1858 तक अंग्रेजों से डटकर लोहा लिया। उन्होंने 1842 की क्रांति को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण कालखंड की शुरुआत बताया।
समारोह में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजा हिरदेशाह लोधी और गोंड राजा नरवर शाह के वंशजों का सम्मान भी किया गया। लोधी समाज के प्रदेशाध्यक्ष जालम सिंह पटेल ने समाज के बलिदानों को याद करते हुए युवाओं से नशे के विरुद्ध मुहिम में जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।