मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है। थाना भगवां क्षेत्र के अंतर्गत एक पिकअप वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद डायल-112 के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे और वाहन में फंसे 8 घायलों को समय रहते अस्पताल पहुँचाया। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई के कारण सभी घायलों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो सकी, जिससे उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
घटनाक्रम के अनुसार, 28 अप्रैल को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को सूचना मिली थी कि भगवां थाना क्षेत्र के टिगरी गाँव के समीप एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया है। सूचना में बताया गया कि हादसे में 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें तत्काल मदद की दरकार है। जानकारी मिलते ही कंट्रोल रूम ने क्षेत्र में तैनात डायल-112 की फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (एफआरवी) को बिना समय गंवाए घटनास्थल की ओर रवाना किया।
हादसे की जगह पर पहुँचे डायल-112 के स्टाफ, जिनमें प्रधान आरक्षक उमेश पाठक और पायलट रामगोपाल विश्वकर्मा शामिल थे, ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। जवानों ने मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस वाहन और उपलब्ध निजी वाहनों के सहयोग से सभी 8 घायलों को शासकीय अस्पताल, बड़ामलहरा पहुँचाया। डायल-112 सेवा की इस सक्रियता की स्थानीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है, क्योंकि समय पर अस्पताल पहुँचने से घायलों को त्वरित उपचार मिल सका।
मध्य प्रदेश पुलिस की ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत इस घटना को एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। यह पुलिस की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जहाँ आपातकालीन स्थितियों में बल न केवल सजग रहता है, बल्कि अत्यंत संवेदनशील तरीके से नागरिकों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहता है।