पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज 142 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह चरण राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इन सीटों पर पिछले दो-तीन चुनावों से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दबदबा रहा है। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में इन 142 सीटों में से TMC ने रिकॉर्ड 123 सीटों पर विजय प्राप्त की थी।
आज सुबह 6 बजे से ही अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस चरण का सबसे प्रमुख मुकाबला भवानीपुर सीट पर केंद्रित है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती है। यहां उनका सामना भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से हो रहा है। सुवेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने 2021 के चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को शिकस्त दी थी, जिसके चलते इस मुकाबले पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
सांख्यिकीय दृष्टि से देखें तो भांगड़ निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 19 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि गोगाट में उम्मीदवारों की संख्या सबसे कम यानी मात्र 5 है। भौगोलिक विस्तार के मामले में कल्याणी सबसे बड़ा और जोरासांको सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र है। इससे पहले, 23 अप्रैल को प्रथम चरण के दौरान 152 सीटों पर वोट डाले गए थे। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
दूसरे चरण के इस चुनाव में कुल 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 220 महिला प्रत्याशी शामिल हैं। लगभग 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से हुगली जिले का चिनसुरा (2,75,715 वोटर) सबसे बड़ा और उत्तर 24 परगना का भाटपाड़ा (1,17,195 वोटर) सबसे छोटा क्षेत्र है। राज्य में कुल 6.8 करोड़ मतदाताओं में से 5 लाख से अधिक युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं, वहीं 3.79 लाख मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस चरण हेतु केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। मतदान के लिए कुल 41,001 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 25,083 ग्रामीण और 14,218 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं।