मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन के जलूद में 271 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 60 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट का विधिवत लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह परियोजना सौर ऊर्जा को बिजली में बदलकर इंदौर नगर निगम को लाभान्वित करेगी। उन्होंने इसे भारत का ऐसा पहला संयंत्र बताया जिसे ग्रीन बॉन्ड स्कीम के तहत जन-भागीदारी (पार्टनरशिप) के माध्यम से विकसित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में किया गया था।
परियोजना के लाभों की व्याख्या करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से घर बैठे लोगों को निवेश और आय का अवसर प्रदान किया है। एक लाख रुपये के निवेश पर 20 साल तक 8 प्रतिशत के करीब लाभ मिलने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन के पुराने समय की याद दिलाते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश बिजली कटौती के दौर से बाहर निकलकर ‘ग्रीन एनर्जी’ के क्षेत्र में नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का यह मॉडल न केवल बिजली देगा बल्कि पर्यावरण सुधार में भी मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में राज्य की प्रगति का विवरण देते हुए ‘वैदिक घड़ी’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन के बाद अब वाराणसी के बाबा विश्वनाथ धाम में भी प्रदेश सरकार के सहयोग से वैदिक घड़ी स्थापित की गई है, जो भारतीय खगोल विज्ञान की श्रेष्ठता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, किसानों के हित में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में गेहूं के समर्थन मूल्य में 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि कर सरकार ने कृषि क्षेत्र को संबल प्रदान किया है।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसे इंदौर के विकास में एक नया अध्याय बताया, वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि इस प्लांट के निर्माण में देश के 28 राज्यों का सहयोग मिला है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास की बाधाओं को दूर करने की सराहना की। समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने संयंत्र परिसर का अवलोकन किया और प्रदेश में हरित ऊर्जा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी देखा गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी सहित क्षेत्र के कई प्रमुख विधायक और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।