लोरमी क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी स्थित 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल की समीक्षा बैठक ली, जिसमें उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास और आपातकालीन सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे प्रदेशव्यापी स्वास्थ्य सुधार अभियान के तहत यह बैठक संपन्न हुई।
समिति की बैठक में मुख्य रूप से अस्पताल की क्षमता को दोगुना करने यानी 100 बिस्तरों तक विस्तार करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, अस्पताल में निजी वार्ड की सुविधा चाहने वाले मरीजों के लिए 20 लाख रुपये की लागत से नए पेइंग वार्ड बनाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण और विस्तार के कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं।
विशेष रूप से आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए सरकार ने संवेदनशील निर्णय लिए हैं। मानसून के आगमन से पूर्व अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं, जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग से पहुंचना चुनौतीपूर्ण है, वहां मरीजों को लाने-ले जाने के लिए ‘बोट एंबुलेंस’ की व्यवस्था की जा रही है। यह पहल उन दूरस्थ गांवों के लिए जीवनदायी साबित होगी जो बारिश के दौरान मुख्यधारा से कट जाते हैं।
समिति के कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनके वेतन (मानदेय) में बढ़ोतरी का भी फैसला लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि राज्य सरकार “बेहतर स्वास्थ्य, सशक्त छत्तीसगढ़” के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। इन दूरगामी निर्णयों से न केवल लोरमी बल्कि आसपास के ग्रामीण और वन क्षेत्रों के हजारों परिवारों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधा मिल सकेगा।