वंचितों की सेवा ही जीवन की असली सार्थकता, विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

वंचितों की सेवा ही जीवन की असली सार्थकता, विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय के पाँचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए समाज सेवा को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण ध्येय बताया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा के माध्यम से एक सामान्य पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति भी सर्वोच्च पदों तक पहुँच सकता है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण एक चायवाले का प्रधानमंत्री बनना और वंचित वर्ग के व्यक्ति का राज्यपाल पद पर आसीन होना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के अनुरूप शिक्षित युवाओं का यह दायित्व है कि वे गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए कार्य करें और एक विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को मानद उपाधियों से सम्मानित किया। इनमें सांसद श्री रवि किशन, श्री राजीव शुक्ला, श्री देवूसिंग चौहान के साथ-साथ प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता मुकेश छाबड़ा और सेज समूह के चेयरमैन संजीव अग्रवाल शामिल थे। इसके अतिरिक्त, फार्मेसी, विधि, प्रबंधन, इंजीनियरिंग, मेडिकल और पत्रकारिता संकाय के मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और पीएचडी की उपाधियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की स्मारिका और श्री जय नारायण चौकसे की आत्मकथा का विमोचन भी संपन्न हुआ।

शिक्षा नीति पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक क्रांतिकारी बदलाव है, जिसने शिक्षण को अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी बनाया है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को परामर्श दिया कि वे केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि एआई, डेटा साइंस और साइबर सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीकों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय छात्रों को ‘जॉब सीकर’ (नौकरी खोजने वाला) के बजाय ‘जॉब प्रोवाइडर’ (रोजगार प्रदाता) बनाने पर ध्यान केंद्रित करें।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने युवाओं से ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को सिद्ध करने का आह्वान किया। वहीं, सांसद देवूसिंह चौहान ने अपने जीवन के संघर्ष साझा करते हुए निरंतर परिश्रम को सफलता का मूल मंत्र बताया। सांसद राजीव शुक्ला ने विद्यार्थियों को कौशल विकास की महत्ता समझाई, जबकि अभिनेता और सांसद रवि किशन ने अपने फिल्मी और राजनैतिक सफर का उदाहरण देते हुए छात्रों को लक्ष्य के प्रति अडिग रहने के लिए प्रेरित किया।

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