नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल और असम सहित अन्य क्षेत्रों के चुनावी जनादेश पर प्रसन्नता व्यक्त की। सोमवार को भाजपा मुख्यालय से देश को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि जनता अब उस राजनीति को चुन रही है जहाँ सुशासन और विकास की गारंटी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सेवा भावना ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से आज देश के अधिकांश राज्यों में जनता ने एनडीए पर अपना भरोसा जताया है। उनके अनुसार, बंगाल के लोगों ने इस बार भय को त्याग कर प्रगति के पक्ष में मतदान किया है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि 1951 में जनसंघ की स्थापना के समय डॉ. मुखर्जी ने जिस ‘देश प्रथम’ का संदेश दिया था, आज उसे बंगाल की धरती पर फलते-फूलते देखकर उनकी आत्मा को असीम शांति मिली होगी। प्रधानमंत्री ने इसे केवल एक राजनैतिक जीत नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता और अखंडता की जीत बताया। उन्होंने ऋषि बंकिम चंद्र और श्री अरबिंदो जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए बंगाल की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य की भावी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार का ध्यान महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पलायन की समस्या को जड़ से समाप्त करने पर होगा। उन्होंने एक महत्वपूर्ण नीतिगत जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के गरीबों के लिए ‘आयुष्मान योजना’ लागू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाने का आश्वासन भी दिया।
प्रधानमंत्री ने जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं के बलिदान को देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अकल्पनीय संघर्ष किया है। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके धैर्य और समर्पण ने ही इस जीत की नींव रखी है। उन्होंने अंत में कहा कि 4 मई की यह शाम बंगाल के लिए पुराने दौर की समाप्ति और एक उज्ज्वल, समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य की शुरुआत है। प्रधानमंत्री ने यह जीत पूरी तरह से बंगाल की जनता के नाम की।