भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) हटाने का निर्णय लिया है। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सामान्य प्रशासनिक कामकाज अब सुचारू रूप से बहाल हो सकेगा। हालांकि, पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट इस आदेश से बाहर रहेगी, क्योंकि वहां दोबारा मतदान कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि आचार संहिता के नियम चुनावी कार्यक्रम की घोषणा से लेकर परिणामों की आधिकारिक घोषणा तक प्रभावी रहते हैं। चूंकि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में आम चुनावों के नतीजे आ चुके हैं, इसलिए अब ये पाबंदियां समाप्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद वहां भी एमसीसी का प्रभाव खत्म हो गया है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा (144) सीट पर आचार संहिता के प्रावधान निरंतर लागू रहेंगे। आयोग ने इस विशेष निर्वाचन क्षेत्र में पूरी मतदान प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था। अब यहां सभी 285 मतदान केंद्रों पर आगामी 21 मई को नए सिरे से वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 24 मई को निर्धारित की गई है।
फाल्टा में पुनर्मतदान का यह सख्त फैसला 29 अप्रैल को मतदान के दौरान हुई चुनावी गड़बड़ियों के कारण लिया गया है। आयोग को मिली रिपोर्टों में लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन और गंभीर चुनावी अपराधों की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया रद्द करना आवश्यक हो गया था।
राजनीतिक परिणामों की बात करें तो 4 मई को आए नतीजों में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा ने बहुमत हासिल किया है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में जनता ने एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताया है। केरल में इस बार सत्ता परिवर्तन हुआ है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने सरकार बनाई है। तमिलनाडु में स्थिति थोड़ी अलग रही, जहां खंडित जनादेश के बीच अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ अपने पहले ही चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।