पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। उन्होंने ईश्वर के नाम पर बांग्ला भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
राजभवन द्वारा आयोजित इस समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी के साथ-साथ मंत्रिमंडल के चार अन्य सदस्यों को भी पद की शपथ दिलाई। नए मंत्रियों में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, अशोक कीर्तनिया और निषिथ प्रमाणिक के नाम शामिल हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर एक भावुक क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री ने भाजपा के 98 वर्षीय वयोवृद्ध कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने स्वयं उनके पास जाकर उन्हें शॉल ओढ़ाया और उनके पैर छुए, जिसके बाद बुजुर्ग नेता ने प्रधानमंत्री को गले लगा लिया। माखनलाल सरकार 1952 के उस कश्मीर आंदोलन का हिस्सा रहे थे, जिसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ उन्हें तिरंगा फहराने के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के व्यक्तिगत जीवन पर गौर करें तो 1970 में पूर्व मेदिनीपुर के कोंतली गांव में जन्मे अधिकारी का झुकाव बचपन से ही आध्यात्म की ओर रहा है। उनके परिवार को एक समय डर था कि कहीं वे संन्यासी न बन जाएं, क्योंकि वे अक्सर रामकृष्ण मिशन में दान-पुण्य किया करते थे। हालांकि, उन्होंने राजनीति को अपना मार्ग चुना और आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया।
मंत्री के रूप में शपथ लेने वाली अग्निमित्रा पाल वर्तमान में आसनसोल दक्षिण से विधायक हैं। उन्होंने 2021 में पहली बार और फिर 2026 में अपनी जीत दर्ज की। शपथ ग्रहण से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर गुरुदेव टैगोर को याद करते हुए लिखा कि टैगोर के विचार मानवता और संस्कृति के उच्चतम आदर्शों के प्रतीक हैं, जो समाज को निरंतर मार्गदर्शन देते रहेंगे।