शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मानवीय संवेदनाओं और वैचारिक निष्ठा की एक अनूठी तस्वीर सामने आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर पहुंचकर पार्टी के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक, 98 वर्षीय माखनलाल सरकार का अभिवादन किया और उनके चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।
माखनलाल सरकार की संघर्ष गाथा का जिक्र करते हुए उनके बड़े बेटे माणिक सरकार ने बताया कि उनके पिता ने उस दौर में काम किया जब संगठन के लिए स्थितियां बेहद कठिन थीं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रगान गाने के अपराध में उनके पिता को गिरफ्तार तक किया गया था। माणिक के अनुसार, उनके पिता ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और आज पीएम द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाना पूरे परिवार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
परिवार के सदस्यों ने माखनलाल के अटूट समर्पण को याद किया। उनकी पत्नी पुतुल सरकार ने साझा किया कि 16 साल की उम्र से शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक बड़े मुकाम पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि माखनलाल का पूरा जीवन शाखा और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित रहा है। उनकी बहू मीनू सरकार ने भी इस पल को परिवार की पीढ़ियों के त्याग का प्रतिफल बताया।
पार्टी के भीतर माखनलाल सरकार को एक ऐसे कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है जिन्होंने बिना किसी पद की लालसा के दशकों तक जमीनी स्तर पर काम किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि 98 साल की उम्र में भी उनकी सादगी और निष्ठा नए कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री का यह कदम न केवल एक व्यक्ति का सम्मान था, बल्कि उन हजारों गुमनाम कार्यकर्ताओं की मेहनत को पहचान देने जैसा था जिन्होंने संगठन की नींव रखी।