मंत्रालय की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देश, प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए बनाई रणनीतियां

मंत्रालय की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देश, प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए बनाई रणनीतियां

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी स्थित मंत्रालय में विभिन्न नोडल विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और जन-कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को अपने कार्यक्षेत्र की चुनौतियों की पहचान कर उनका सकारात्मक समाधान निकालने और मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवनों में कर्मचारियों के लिए लागू की गई बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने इस व्यवस्था को राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में अनिवार्य करने की बात कही ताकि कार्य कुशलता और समयबद्धता बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया को राज्य में लागू करने के निर्देश दिए। युवाओं के रोजगार के लिए उन्होंने कहा कि पीएम मित्र पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के समीप स्थित आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों में मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उद्योग परिसर में ही युवाओं को कौशल सिखाने की व्यवस्था हो।

बैठक के दौरान तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों पर भी चर्चा हुई। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन नए विश्वविद्यालयों—मध्यभारत तकनीकी विश्वविद्यालय (भोपाल), मालवा तकनीकी विश्वविद्यालय (उज्जैन) और महाकौशल तकनीकी विश्वविद्यालय (जबलपुर) में विभाजित करने की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी तर्ज पर चिकित्सा विश्वविद्यालय को भी तीन स्वायत्त निकायों में बांटने की प्रक्रिया पर बात हुई। झाबुआ में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के लिए आरजीपीवी के इंजीनियरिंग कॉलेज भवन के हस्तांतरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

ग्रामीण और सामाजिक विकास के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने ‘स्वामित्व योजना’ के तहत आबादी भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाला पलायन रुकेगा। पेयजल की स्थिति पर पीएचई और नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में फिलहाल कहीं भी टैंकरों से जल परिवहन की जरूरत नहीं है और अमृत-1 व अमृत-2 योजनाओं के तहत नल-जल और सीवरेज प्रबंधन का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के लिए “जन्मभूमि से कर्मभूमि तक” अभियान चलाने का आह्वान किया।

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के एकीकृत विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर दताना मताना में 2700 मीटर लंबी नई हवाई पट्टी और एयरपोर्ट निर्माण के लिए जारी भू-अर्जन प्रक्रिया को गति देने को कहा। किसानों को राहत देते हुए उन्होंने कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत खंडवा और बुरहानपुर मंडियों में कपास का मंडी शुल्क पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के समान 1 रुपये से घटाकर 55 पैसे प्रति सैकड़ा करने का बड़ा फैसला सुनाया।

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