भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी स्वीडन यात्रा के दौरान वहां के बेहद प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ के ‘कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से नवाजा गया है। यह विशिष्ट सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान देने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए प्रदान किया गया है। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक हितों को मजबूत करने के लिए व्यापक चर्चा भी की।
‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में गिना जाता है। इसका ‘कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ स्तर इस सम्मान की सबसे ऊंची श्रेणी है। स्वीडन सरकार द्वारा यह सर्वोच्च सम्मान वैश्विक स्तर के उन चुनिंदा राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं को दिया जाता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कूटनीतिक सूझबूझ और वैश्विक साझेदारियों को सुदृढ़ करने में असाधारण भूमिका निभाई हो।
इस नए पुरस्कार के जुड़ने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के विभिन्न देशों और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से मिलने वाले कुल सम्मानों की संख्या अब 31 हो गई है। वैश्विक मंच पर इतने बड़े पैमाने पर मिले सम्मानों को कूटनीतिक विशेषज्ञ भारत की बढ़ती हुई अंतरराष्ट्रीय साख, मजबूत विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर देश के बढ़ते प्रभाव के रूप में देख रहे हैं।
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक भी संपन्न हुई। इस वार्ता के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने आपसी व्यापार, निवेश की संभावनाओं, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान और नवाचार (इनोवेशन) जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच ग्रीन ट्रांजिशन (हरित परिवर्तन) और रणनीतिक सहयोग को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर सहमति बनी।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब स्वीडन के गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पहुंचे, तो वहां स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद मौजूद रहकर उनका औपचारिक और गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अगवानी के बाद दोनों नेताओं के बीच आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने और मौजूदा संबंधों को एक नई दिशा देने की प्रतिबद्धता पर प्रारंभिक बातचीत हुई।
अपनी इस यात्रा के अगले पड़ाव की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि वह आगामी यूरोपीय व्यापार गोलमेज सम्मेलन (यूरोपियन बिजनेस राउंडटेबल) में भी शिरकत करेंगे। इस महत्वपूर्ण आर्थिक मंच पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित यूरोप के कई दिग्गज कॉरपोरेट और उद्योग जगत के नेता उपस्थित रहेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक निवेश को बढ़ावा देना और वाणिज्यिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
रणनीतिक मामलों के जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री को मिला यह सर्वोच्च सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत और स्वीडन के बीच दिनों-दिन गहरे होते रणनीतिक रिश्तों की तस्दीक करता है। इस यात्रा और सम्मान के बाद आने वाले समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक मोर्चे पर सहयोग की रफ्तार और तेज होने की पूरी उम्मीद है।