पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोमवार, 18 मई को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। शुरुआती सत्र में चौतरफा बिकवाली के कारण बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1000 से अधिक अंक टूट गया, हालांकि बाद में निचले स्तरों से आई रिकवरी के कारण बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच घरेलू मुद्रा बाजार में भी कमजोरी रही और भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया।
सोमवार की सुबह कारोबार की शुरुआत बेहद कमजोर रही और बिकवाली के भारी दबाव में सेंसेक्स गोता लगाकर 74,180 के स्तर पर आ गया था। इसके बाद बाजार में खरीदारों की वापसी हुई, जिससे सूचकांक ने अपनी शुरुआती गिरावट को पूरी तरह से पाट दिया। बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 77 अंक यानी 0.10% की मामूली तेजी दर्ज करते हुए 75,315 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सपाट रुख अपनाते हुए 23,650 के करीब आ गया। आज के सत्र में मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई।
भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर भारतीय मुद्रा और कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जहां यह 20 पैसे से अधिक कमजोर होकर 96.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी का रुख रहा। ब्रेंट क्रूड का भाव 2% की बढ़त के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिसने घरेलू स्तर पर व्यापक आर्थिक चिंताओं को बढ़ा दिया है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 23 अंक (0.31%) की बढ़त के साथ 7516 पर बंद हुआ। इसके विपरीत, जापान का निक्केई सूचकांक 593 अंक (0.97%) टूटकर 60816 पर आ गया, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 288 अंक (1.11%) की गिरावट के साथ 25675 पर बंद हुआ। इससे पहले, पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी मंदी का माहौल था; वहां डाउ जोन्स 537 अंक (1.07%) गिरकर 49526, नैस्डैक 410 अंक (1.54%) गिरकर 26225 और एसएंडपी 500 इंडेक्स 93 अंक (1.24%) की कमजोरी के साथ 7409 के स्तर पर बंद हुआ था।
बाजार में जारी इस अस्थिरता के बीच संस्थागत निवेशकों के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII/FPI) ने पिछले 30 दिनों के दौरान भारतीय बाजार से भारी मुनाफावसूली की है। इस अवधि में विदेशी निवेशकों ने बाजार में कुल 55,567 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है, जिसमें से बीते 7 दिनों में 5,146 करोड़ रुपए की बिकवाली शामिल है। हालांकि, ताजा आंकड़ों के अनुसार FII ने अंतिम सत्र में 1,329 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का प्रयास किया है। DII ने पिछले 30 दिनों में 61,285 करोड़ रुपए और बीते 7 दिनों में 12,585 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की है, जबकि उनके द्वारा ताजा सत्र में 1,959 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई।