ईरान का संवर्धित यूरेनियम अमेरिका की निगरानी में होगा नष्ट, आईएईए की मौजूदगी में होगी कार्रवाई: डोनाल्ड ट्रंप

ईरान का संवर्धित यूरेनियम अमेरिका की निगरानी में होगा नष्ट, आईएईए की मौजूदगी में होगी कार्रवाई: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान द्वारा तैयार किए गए संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका के हवाले किया जाएगा, जिसके बाद उसे नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ट्रंप के मुताबिक इस परमाणु सामग्री को या तो उसी स्थान पर नष्ट किया जा सकता है या फिर इसके लिए किसी अन्य जगह को चुना जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस योजना की रूपरेखा साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) या उसके समकक्ष कोई अन्य वैश्विक संस्था मुख्य गवाह के तौर पर वहां उपस्थित रहेगी।

समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अंतर्गत, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस बयान में संवर्धित यूरेनियम की तय मात्रा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) लंबे समय से विभिन्न निरीक्षण प्रणालियों के माध्यम से ईरान के परमाणु कार्यक्रमों और उसकी गतिविधियों की निगरानी करती आ रही है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी सुझाव दिया कि यूरेनियम को तत्काल प्रभाव से अमेरिका को सौंपा जा सकता है ताकि उसे अमेरिकी धरती पर लाकर नष्ट किया जा सके, या फिर ईरान की सहमति और सहयोग से उसे वहीं पर या किसी अन्य स्वीकृत स्थान पर नष्ट करना अधिक उपयुक्त विकल्प होगा।

दूसरी तरफ, ट्रंप के इस दावे के विपरीत ईरान का रुख पूरी तरह अलग नजर आ रहा है। सोमवार को ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने स्पष्ट किया कि तेहरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को देश की सीमा से बाहर भेजने के किसी भी प्रस्ताव पर अपनी रजामंदी नहीं दी है। इस रिपोर्ट के जरिए ईरान ने सऊदी अरब के मीडिया संस्थान ‘अल हदथ’ के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजने के लिए तैयार हो गया है।

तस्नीम समाचार एजेंसी ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच किसी भी संभावित सहमति पत्र (एमओयू) से जुड़ी खबरों को पूरी तरह निराधार और असत्य करार दिया है। ईरानी मीडिया का कहना है कि अब तक तैयार किए गए एमओयू के किसी भी मसौदे में परमाणु सामग्री को देश से बाहर स्थानांतरित करने का कोई जिक्र नहीं है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसने इस तरह के किसी भी परमाणु कदम को उठाने के लिए कोई प्रतिबद्धता या आश्वासन नहीं दिया है।

इस बीच, अमेरिकी अखबार ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से सोमवार को दोनों देशों के बीच होने वाले एक संभावित समझौते के शुरुआती चरण की जानकारी साझा की। इस रिपोर्ट के अनुसार, पहले चरण के तहत अमेरिका द्वारा ईरान की फ्रीज की गई 12 अरब डॉलर की संपत्ति को बहाल किया जाएगा। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान शुरू होगा और अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाएगा। हालांकि, संबंधित ईरानी अधिकारी ने यह साफ कर दिया है कि इस प्रस्तावित समझौते के दायरे में कोई भी परमाणु समझौता शामिल नहीं है।

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