सोमवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘पढ़ो-पढ़ाओ-राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो’ योजना के तहत एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ बोर्ड घोषित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करने की अनूठी पहल की गई, जिसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश को प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से नवाजा है। पारदर्शिता पर आधारित यह व्यवस्था देश के अन्य राज्यों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय समाज की समरसता पर बल देते हुए कहा कि हमारा देश रहीम और रसखान की साझी विरासत और सांस्कृतिक मेलजोल की नींव पर टिका है। भारत की विशेषता यह है कि यहाँ का हर समाज और समुदाय देश के संविधान तथा कानून व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता है। अतीत की घटनाओं का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से आए असामाजिक तत्वों ने अशांति फैलाने की कोशिश की, तो वहां के विवेकशील नागरिकों ने खुद मोर्चे पर आकर उन्हें खदेड़ दिया, जो हमारी समृद्ध और सुदृढ़ लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है।
वक्फ संपत्तियों के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई नई व्यवस्था से वक्फ सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आए हैं। स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री की इस पहल से जहां वक्फ बोर्डों की आय के स्रोत बढ़े हैं, वहीं अतिक्रमणकारियों पर लगाम कसी गई है। उन्होंने मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड को बधाई देते हुए कहा कि बोर्ड न केवल संपत्तियों का संरक्षण कर रहा है बल्कि एक नए भवन का निर्माण भी करा रहा है, जिसका नाम देश के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा जाएगा।
शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के बेटे-बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को पूरा करना चाहिए, जिसमें राज्य सरकार पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने समाज के उन दानदाताओं की भी सराहना की जो निर्धन बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न धर्मगुरुओं का स्वागत किया और छात्रवृत्ति के लिए चयनित हुए 849 मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन हमीद के अदम्य साहस को भी नमन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि ‘उम्मीद’ पोर्टल के माध्यम से वक्फ की संपत्तियों को ऑनलाइन करने से हेरफेर करने वाले भू-माफियाओं पर नकेल कसी गई है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बोर्ड अब चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल कॉलेज) तक की पढ़ाई के लिए जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद कर रहा है। ‘औकाफ-ए-आम्मा’ के प्रयासों से छात्राओं की बीच में पढ़ाई छूटने (ड्रॉप आउट) की समस्या को रोकने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इस साल वक्फ संपत्तियों पर 5 लाख पौधे लगाए जाएंगे और वक्फ के एक विद्यालय के नए भवन का नाम डॉ. कलाम के नाम पर होगा। कार्यक्रम में शहर काजी मुस्ताक अली नदमी, बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती फरजाना गजाल, जिला अध्यक्ष श्री असलम भाई सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।