मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ के जवानों ने मानवीयता का परिचय देते हुए एक भटके हुए बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है। यह घटना 26 मई की है, जब चिंतामन गणेश थाना क्षेत्र में अकेले घूम रहे एक 10 साल के विशेष (मानसिक रूप से अस्वस्थ) बालक को पुलिस कर्मियों ने अपनी मुस्तैदी से सकुशल ढूंढ निकाला। बालक अपने घर का मार्ग भूलकर कंदरिया चौराहे के पास लावारिस स्थिति में घूम रहा था।
घटनाक्रम के अनुसार, भोपाल में स्थापित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम को कंदरिया चौराहे के पास एक बच्चे के लावारिस हालत में होने की जानकारी मिली थी। कॉलर ने बताया कि बच्चे को तत्काल पुलिस मदद की दरकार है। इस इनपुट के तुरंत बाद भोपाल कंट्रोल रूम ने उज्जैन के चिंतामन गणेश इलाके में सक्रिय डायल-112 वाहन को जीपीएस के जरिए लोकेशन ट्रेस कर फौरन घटना स्थल की ओर मोड़ा।
मौके पर तैनात आपातकालीन स्टाफ, जिसमें कांस्टेबल सागर सिंह और चालक (पायलट) लाल सिंह शामिल थे, ने कंदरिया चौराहे पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित घेरे में लिया। बच्चे को डरा हुआ देखकर जवानों ने उसे ढांढस बंधाया और उसका नाम व पता जानने का प्रयास किया। मगर मानसिक रूप से कमजोर होने की वजह से वह अपने माता-पिता या घर के स्थान के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था।
इसके बाद रेस्क्यू टीम ने अपने स्तर पर प्रयास शुरू किए। बच्चे को वाहन में सुरक्षित बैठाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उस पूरे रूट और नजदीकी बस्तियों में सघन पूछताछ अभियान चलाया। काफी देर तक आस-पास के लोगों से संपर्क साधने के बाद भी जब बच्चे के अभिभावकों का कोई प्रामाणिक विवरण नहीं मिल पाया, तो टीम ने सुरक्षात्मक कदम उठाए। डायल-112 के अमले ने बच्चे को आगे की सुरक्षा और काउंसलिंग के लिए चिंतामन गणेश थाने की कस्टडी में सौंप दिया, जहां से अब उसके परिवार को खोजने के प्रयास जारी हैं।