शुक्रवार, 29 मई को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखी जा रही है और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 150 अंकों की गिरावट के साथ 75,700 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है। वहीं, निफ्टी भी लगभग 100 अंक टूटकर 23,800 के स्तर पर आ गया है। आज के सत्र में सबसे अधिक दबाव मेटल सेक्टर के शेयरों पर देखा जा रहा है, जहाँ भारी बिकवाली हो रही है। गौरतलब है कि गुरुवार को बकरीद के त्योहार के चलते घरेलू शेयर बाजारों में अवकाश था।
वैश्विक मोर्चे से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज तेजी का रुख है, जिसमें दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.94% (181 अंक) की बढ़त के साथ 8382 पर और जापान का निक्केई 1.86% (1203 अंक) उछलकर 65897 पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग सूचकांक भी 0.25% यानी 60 अंकों की मजबूती के साथ 25066 के स्तर पर बना हुआ है।
इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान सकारात्मक माहौल देखा गया। डाउ जोन्स मामूली बढ़त के साथ 25 अंकों की तेजी लेकर 50669 के स्तर पर बंद हुआ। तकनीकी शेयरों पर आधारित नैस्डैक इंडेक्स में 0.91% (243 अंक) की शानदार तेजी रही और यह 26917 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 0.58% यानी 43 अंक मजबूत होकर 7564 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की तरफ से बिकवाली का सिलसिला जारी है। बीते कारोबारी सत्र यानी 27 मई को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) ने बाजार से ₹1043 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे। हालांकि, इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का प्रयास किया और ₹3821 करोड़ की लिवाली की। पिछले 7 दिनों में FII ने ₹2629 करोड़ और 30 दिनों में ₹42,905 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि इसके विपरीत DII ने पिछले 7 दिनों में ₹9,039 करोड़ और 30 दिनों में ₹69,392 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।
इससे पहले, बुधवार 27 मई को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ ही बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 142 अंकों की कमजोरी के साथ 75,868 के स्तर पर थमा था, जबकि निफ्टी में 7 अंकों की मामूली गिरावट दर्ज की गई थी और यह 23,907 पर बंद हुआ था। बुधवार के सत्र में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मुनाफावसूली और बिकवाली देखने को मिली थी, जिसके बाद अगले दिन गुरुवार को बाजार में अवकाश रहा।