उत्तर प्रदेश के नोएडा से अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार, पन्ना पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश के नोएडा से अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार, पन्ना पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पन्ना जिला पुलिस की टीम ने उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक अंतर्राज्यीय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो प्रतिबंधित एपीके (APK) फाइल के जरिए लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाता था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास से 90 हजार रुपये की नकदी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित गोपाल बंसकार ने भारत सरकार की 1930 साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि सिमरिया स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में मौजूद उनके खाते से जुड़े ‘नवी यूपीआई ऐप’ के माध्यम से किसी अज्ञात जालसाज ने 1 लाख 90 हजार रुपये उड़ा लिए हैं। शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद पन्ना पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीमती निवेदिता नायडू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया।

पुलिस टीम की तकनीकी जांच में यह बात सामने आई कि ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेकर उसके फोन में एक संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करवा दी थी। इस फाइल के जरिए अपराधियों ने पीड़ित के मोबाइल फोन का पूरा रिमोट एक्सेस (नियंत्रण) अपने हाथ में ले लिया। एक बार फोन का नियंत्रण मिलने के बाद बदमाशों ने गोपाल बंसकार की बैंकिंग जानकारी, यूपीआई क्रेडेंशियल्स और ट्रांजेक्शन ओटीपी जैसी बेहद संवेदनशील सूचनाएं चुरा लीं और खाते से अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर कर लिए।

डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से यह साफ हुआ कि जालसाजों ने दो अलग-अलग तारीखों में इस ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने सबसे पहले 23 अप्रैल को पीड़ित के खाते से 95 हजार रुपये निकाले और उसके बाद दोबारा 27 अप्रैल को 95 हजार रुपये की रकम अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी। पुलिस ने जब संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल्स को खंगाला, तो कड़ियां सीधे उत्तर प्रदेश के नोएडा से जुड़ीं, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर मुख्य आरोपी को दबोच लिया।

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कुबूल किया है कि वह एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा है और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस तरह की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।

इस घटना के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, एपीके फाइल या मोबाइल ऐप को भूलकर भी डाउनलोड न करें। इसके साथ ही, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण या फोन का एक्सेस किसी अनजान से साझा न करें। यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन या पास के थाने में रिपोर्ट करें।

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