मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 के जवानों ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए एक 16 साल की किशोरी को आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। 29 मई को कोतवाली थाना क्षेत्र के देवरान गांव में समय रहते की गई इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद लड़की को समझा-बुझाकर सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है, साथ ही परिवार को जरूरी काउंसिलिंग भी दी गई है।
यह पूरा घटनाक्रम 29 मई का है, जब भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 को एक आपातकालीन सूचना मिली। फोन पर बताया गया कि ग्राम देवरान में एक नाबालिग लड़की ने खुद को कमरे के भीतर बंद कर लिया है और वह फांसी लगाने की कोशिश कर रही है, जिसके लिए तुरंत पुलिस मदद की दरकार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम ने तत्काल कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 की गाड़ी को मौके के लिए रवाना कर दिया।
सूचना मिलते ही डायल-112 के स्टाफ में शामिल सैनिक सुनील तिवारी और पायलट शारदा आठिया बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने सूझबूझ का परिचय दिया और बंद कमरे की खिड़की के जरिए भीतर मौजूद किशोरी से बातचीत का सिलसिला शुरू किया। पुलिस जवानों ने बेहद धैर्य के साथ लड़की को ढांढस बंधाया और उसे गलत कदम न उठाने के लिए लगातार समझाया।
जवानों की इस संवेदनशील और निरंतर कोशिशों का सकारात्मक असर हुआ तथा किशोरी ने अपने कमरे का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद डायल-112 की टीम ने किशोरी सहित उसके माता-पिता से बात की। पुलिस ने परिजनों को नसीहत दी कि वे भविष्य में बच्ची की देखरेख का विशेष ध्यान रखें और उसे हर संभव मानसिक व भावनात्मक संबल प्रदान करें।
संकट के क्षणों में डायल-112 के कर्मियों द्वारा की गई इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की वजह से एक अनहोनी को टाल दिया गया। ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत सामने आई यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि मध्य प्रदेश पुलिस की यह आपातकालीन हेल्पलाइन न केवल संकट के समय तुरंत मौके पर पहुंचती है, बल्कि संवेदनशील हालातों में मानवीय सरोकार रखते हुए नागरिकों की जान की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।