घरेलू शेयर बाजार में आज यानी 2 जून को सुस्ती का माहौल देखा जा रहा है, जहां बिकवाली के दबाव के चलते प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। आज के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स लगभग 200 अंकों की कमजोरी के साथ 74,100 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 100 अंक टूटकर 23,300 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। आज के सत्र में विशेष रूप से फार्मा, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है, जबकि इसके उलट आईटी (Information Technology) क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों की अच्छी लिवाली देखने को मिल रही है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के छठे सबसे बड़े शेयर बाजार का दर्जा हासिल कर लिया है। दक्षिण कोरिया के बाजार में आई इस हालिया तेजी की मुख्य वजह वहां की दिग्गज चिप निर्माता कंपनियां हैं। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग और इसके व्यापक इस्तेमाल के कारण इन टेक कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल आया है, जिससे वे लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।
इस साल दक्षिण कोरिया की सूचीबद्ध (लीस्टेड) कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 86 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 475 लाख करोड़ रुपये) के स्तर पर पहुंच गया है। इसके विपरीत, भारतीय शेयर बाजार के कुल मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर फिलहाल 4.8 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 456 लाख करोड़ रुपये) रह गया है।
अगर आज के एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 154 अंक यानी 1.45% की गिरावट के साथ 8634 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई (Nikkei) भी 1101 अंक (1.64%) फिसलकर 65,833 पर आ गया है। हालांकि, हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग (Hang Seng) इंडेक्स में मजबूती है और यह 242 अंक (0.97%) की बढ़त लेकर 25,641 के स्तर पर बना हुआ है। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में तेजी का रुख रहा था, जहां डाउ जोन्स 46 अंक चढ़कर 51,079, नैस्डैक 114 अंक की बढ़त के साथ 27,087 और एसएंडपी 500 सूचकांक 20 अंक मजबूत होकर 76,000 के स्तर पर बंद हुआ था।
बाजार में जारी इस उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की तरफ से लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) ने भारतीय बाजार से करीब 59,875 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि बीते 7 दिनों में इनकी शुद्ध बिकवाली 26,060 करोड़ रुपये और नवीनतम सत्र में 3,912 करोड़ रुपये रही। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का प्रयास किया है। डीआईआई ने पिछले 30 दिनों में 87,778 करोड़ रुपये, बीते 7 दिनों में 25,694 करोड़ रुपये और ताजा सत्र में 5,109 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है।
गौरतलब है कि घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का यह सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इससे पिछले कारोबारी सत्र यानी 1 जून को भी शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स 508 अंकों की भारी गिरावट के साथ 74,267 के स्तर पर समाप्त हुआ था, जबकि निफ्टी भी अपने ऊपरी स्तरों से 165 अंक टूटकर 23,382 के स्तर पर बंद हुआ था।