वित्त वर्ष 2025-26: केंद्र सरकार को ₹33.86 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त, राज्यों को मिला बढ़ा हुआ कर हिस्सा

वित्त वर्ष 2025-26: केंद्र सरकार को ₹33.86 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त, राज्यों को मिला बढ़ा हुआ कर हिस्सा

केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल ₹33.86 लाख करोड़ की प्राप्तियां हुई हैं, जो संशोधित अनुमान (आरई) का 99.4 फीसदी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में केंद्रीय करों में से राज्यों को ₹13.93 लाख करोड़ का हिस्सा हस्तांतरित किया गया है। राज्यों को दी गई यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले ₹1.06 लाख करोड़ अधिक है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सरकार की कुल प्राप्तियों में शुद्ध कर राजस्व का योगदान ₹26.23 लाख करोड़ रहा। इसके अतिरिक्त, गैर-कर राजस्व के रूप में ₹6.79 लाख करोड़ और गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों के मद में ₹83,757 करोड़ हासिल हुए हैं। गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों के वर्गीकरण को देखें तो इसमें से ₹24,617 करोड़ कर्ज वसूली के जरिए और ₹59,140 करोड़ विभिन्न अन्य पूंजीगत प्राप्तियों से प्राप्त हुए हैं।

दूसरी तरफ, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार का कुल खर्च ₹49.05 लाख करोड़ दर्ज किया गया, जो कि इसके संशोधित अनुमान का 98.8 प्रतिशत बैठता है। कुल व्यय को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें राजस्व मद पर ₹38.36 लाख करोड़ तथा पूंजीगत मद पर ₹10.69 लाख करोड़ का व्यय शामिल है।

व्यय के विस्तृत विवरण के अनुसार, राजस्व व्यय के एक बड़े हिस्से के रूप में ₹12.43 लाख करोड़ केवल ब्याज अदायगी पर खर्च किए गए। इसके साथ ही, देश की मुख्य सब्सिडियों (राजसहायता) की मद में ₹4.54 लाख करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है।

सरकार के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने के फैसले से प्रांतीय सरकारों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिली है, जिससे वहां विकास कार्यों की रफ्तार तेज हुई है। इसके अलावा, पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी करके बुनियादी ढांचे के विकास और देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *