गुजरात के सूरत को आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को करीब ₹18,800 करोड़ के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन किया। यातायात, उद्योग, ऊर्जा, चिकित्सा और नागरिक सुविधाओं पर केंद्रित यह निवेश कार्यक्रम हाल के सालों में इस क्षेत्र में शुरू किए गए सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है।
सूरत की व्यापारिक साख को नई ऊंचाई देने के इरादे से शुरू किए गए इन प्रोजेक्ट्स में लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। पीएमओ के आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम ने आठ लेन वाले वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के विशेष पैकेजों को देश को समर्पित किया, जो गुजरात और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के साथ ही पश्चिमी भारत के व्यापारिक परिवहन को बेहद सुगम बनाएगा।
सड़क नेटवर्क के विस्तार की कड़ी में प्रधानमंत्री द्वारा नेशनल हाईवे-56 के महत्वपूर्ण हिस्सों को चार लेन का बनाने से जुड़ी परियोजना की नींव रखी गई। माना जा रहा है कि इस सड़क के बनने से जनजातीय इलाकों में आवागमन सुधरेगा और प्रसिद्ध ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ कॉरिडोर के लिए एक बेहतर संपर्क मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।
बिजली आपूर्ति और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त करने के लिए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रिड सुधार कार्यक्रम के तहत तैयार की गई बिजली पारेषण विस्तार प्रणालियों का लोकार्पण किया। इसके माध्यम से राज्य की अंतरराज्यीय विद्युत निकासी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
स्थानीय श्रमिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए शहर में चिकित्सा सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री ने नवनिर्मित 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल का उद्घाटन किया, जहां औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों और उनके परिजनों को अत्याधुनिक ट्रॉमा केयर, डायग्नोस्टिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के पेट्रोकेमिकल्स, पेट्रोलियम और केमिकल निवेश जोन से जुड़ी विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कारखानों की कार्यकुशलता को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े मानकों को बेहतर ढंग से लागू करना है।
दौरे के अगले चरण में पीएम मोदी हजीरा क्षेत्र में चल रही गतिविधियों को देखने पहुंचे। रक्षा विनिर्माण और हैवी इंजीनियरिंग का मुख्य केंद्र होने के कारण हजीरा भारत के विनिर्माण इकोसिस्टम में एक रणनीतिक भूमिका निभाता है, जिसकी कार्यप्रणाली का प्रधानमंत्री ने बारीकी से अवलोकन किया।
सूरत का यह विकास कार्यक्रम असल में ₹20,000 करोड़ से अधिक की उस वृहद विकास योजना का हिस्सा है, जिसमें दमन और लक्षद्वीप की अवसंरचना से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इन तमाम परियोजनाओं से आने वाले समय में सूरत की स्थिति देश के पश्चिमी आर्थिक गलियारे के एक अत्यंत मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित हो जाएगी।