मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में तेजी से बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव के कारण आज यानी सोमवार, 8 जून को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आ रहा है। शुरुआती कारोबार में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 500 अंकों (0.70%) की कमजोरी के साथ 73,700 के स्तर पर आ गया है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक (0.80%) फिसलकर 23,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज के सत्र में विशेष रूप से आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है।
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता टकराव है। अप्रैल महीने में हुए युद्धविराम के बाद यह पहला मौका है जब ईरान ने इजराइल पर मिसाइल से हमला किया। इस हमले के जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान में स्थित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के तेहरान, तबरीज और इस्फहान जैसे प्रमुख शहरों से धमाकों की खबरें सामने आई हैं। इस ताजा सैन्य कार्रवाई से वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर वित्तीय बाजारों पर देखने को मिल रहा है।
इस तनाव का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि समूचे एशियाई बाजार पर पड़ा है। दक्षिण कोरिया और जापान के शेयर बाजारों में लगभग 4% तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, साउथ कोरिया का कोस्पी (KOSPI) सूचकांक 375 अंक (4.49%) टूटकर 7768 पर आ गया है, जबकि जापान का निक्केई (Nikkei) 2548 अंकों की भारी गिरावट के साथ 64040 के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 262 अंक (1.01%) गिरकर 24700 पर कारोबार कर रहा है।
इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी इसी तनाव के चलते भारी बिकवाली देखने को मिली थी और वहां के मुख्य सूचकांक 4% तक टूटकर बंद हुए। अमेरिकी बाजार में तकनीकी शेयरों पर आधारित सूचकांक नैस्डैक सबसे अधिक 1122 अंक (4.18%) की गिरावट के साथ 25709 पर बंद हुआ। वहीं, डॉव जोन्स 695 अंक (1.35%) फिसलकर 50867 पर और एसएंडपी 500 इंडेक्स 201 अंक (2.64%) की कमजोरी लेकर 7384 के स्तर पर बंद हुआ था।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली लगातार जारी है। बीते कारोबारी सत्र यानी 5 जून को FII ने बाजार से 8,776 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की। हालांकि, इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का प्रयास करते हुए 9,134 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। अगर पिछले एक महीने के आंकड़ों को देखें, तो बीते 30 दिनों में FII ने कुल 76,006 करोड़ रुपए की बिकवाली की है, जिसके मुकाबले DII ने 95,209 करोड़ रुपए का निवेश बाजार में किया है।