केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बीच हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत की प्रगति में पश्चिम बंगाल की भागीदारी को बढ़ाना, राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देना, स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करना और नए रोजगार पैदा करना था। इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने राज्य के आर्थिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय रणनीतियों पर विस्तार से बातचीत की।
राज्य में उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में राउंडटेबल बैठकों का सिलसिला शुरू करने का निर्णय लिया है। इन बैठकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधि, देश के प्रमुख औद्योगिक संगठन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) संगठनों के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। इस पहल का सीधा मकसद राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों के लिए ऋण (क्रेडिट) की उपलब्धता को आसान बनाना है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिल सके।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप पश्चिम बंगाल के विकास को आगे ले जाने पर विशेष सहमति बनी। केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने पर भी मंथन किया गया। इसी कड़ी में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच हर पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष ‘सैचुरेशन ड्राइव’ (पूर्ण कवरेज अभियान) चलाया जाएगा। इसके तहत जन धन योजना, मुद्रा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक के कामकाज की समीक्षा करने की बात कही। इस समीक्षा का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करना और जरूरतमंदों को औपचारिक ऋण प्रणाली से जोड़ना है। इसके साथ ही, उन्होंने भरोसा दिया कि राज्य में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ करने वाले पश्चिम बंगाल के उन सभी प्रस्तावों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने राज्य सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वे विशेष सहायता योजना के सुधार आधारित प्रावधानों के तहत तय किए गए प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों को तेजी से धरातल पर उतारें। इसी बीच, राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में ला दिया गया है। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के बीच एक आधिकारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।