प्रधानमंत्री मोदी और कुवैत के अमीर के बीच टेलीफोन पर वार्ता; मध्य पूर्व के हालातों पर जताई चिंता, प्रवासियों की सुरक्षा पर हुई बात

प्रधानमंत्री मोदी और कुवैत के अमीर के बीच टेलीफोन पर वार्ता; मध्य पूर्व के हालातों पर जताई चिंता, प्रवासियों की सुरक्षा पर हुई बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कुवैत के अमीर, महामहिम शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा के साथ फोन पर उच्च स्तरीय संवाद स्थापित किया। इस दौरान दोनों दिग्गजों ने पश्चिम एशिया में उपजे नए सुरक्षा संकट और वहां की पल-पल बदलती स्थिति पर गंभीर मंथन किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने संकट के इस दौर में कुवैत के भीतर रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को हरसंभव सहायता देने और उन पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने के लिए कुवैती नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया।

सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इस चर्चा का मुख्य बिंदु पश्चिम एशिया में जारी सैन्य और राजनीतिक तनाव को कम करना था। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों का सहारा लेना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर गहरी फिक्र व्यक्त करते हुए कहा कि कुवैत की संप्रभुता और उसकी सीमाओं पर किए गए किसी भी तरह के प्रहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता और भारत इसकी तीखी निंदा करता है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए एक हवाई हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई थी, जबकि कुछ अन्य लोग चोटिल हुए थे। इस घटना पर नई दिल्ली ने कड़ा ऐतराज जताया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने बीते 3 जून को अपने एक नीतिगत बयान में दोहराया था कि जब से पश्चिम एशिया में यह संघर्ष भड़का है, भारत का यह दृढ़ मत रहा है कि रिहायशी इलाकों और आम जनता को इस जंग से दूर रखा जाना चाहिए और नागरिक ढांचे को किसी भी परिस्थिति में क्षति नहीं पहुंचाई जानी चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने हताहत हुए भारतीय नागरिक के परिजनों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए दुख व्यक्त किया था और बताया था कि दूतावास के अधिकारी घायलों की देखरेख में जुटे हैं। भारतीय नागरिकों की सलामती के लिए भारतीय राजनयिक वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय ने देश को भरोसा दिलाया था कि इस अशांत क्षेत्र में कार्य कर रहे भारत के तमाम राजनयिक मिशन और दूतावास पूरी तरह मुस्तैद हैं तथा वर्तमान तनावपूर्ण माहौल के बीच भारतीय समुदाय को सुरक्षात्मक और व्यावहारिक सहयोग प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

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