महिला सुरक्षा और गुमशुदा बालिकाओं की तलाश पर राज्य महिला आयोग ने डीजीपी के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

महिला सुरक्षा और गुमशुदा बालिकाओं की तलाश पर राज्य महिला आयोग ने डीजीपी के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

भोपाल में पुलिस मुख्यालय (PHQ) के भीतर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव और सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री कैलाश मकवाणा से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में महिलाओं की सुरक्षा, बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने, गायब हुई बालिकाओं की तलाश व उनकी बरामदगी के साथ-साथ पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्य ने कानून व्यवस्था को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस की पीठ थपथपाई। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा और गुमशुदा बच्चियों को ढूंढने के लिए पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की। इसके साथ ही आयोग ने जोर देकर कहा कि महिला संबंधी अपराधों में पुलिस को और अधिक संवेदनशीलता तथा सख्ती के साथ काम करने की जरूरत है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

मामले पर बोलते हुए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने आश्वस्त किया कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मध्य प्रदेश पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़कियों के गायब होने की हर एक शिकायत पर पुलिस बिना वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लेती है। इस काम में अत्याधुनिक तकनीक, साइबर एनालिसिस, दूसरे राज्यों की पुलिस से बेहतर तालमेल और विशेष पुलिस टीमों की मदद ली जा रही है, जिससे गुमशुदा बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने में लगातार कामयाबी मिल रही है।

डीजीपी ने आगे जानकारी दी कि जो मामले दूरदराज के इलाकों या दूसरे राज्यों से जुड़े होते हैं, उनमें भी सभी एजेंसियों के साझा प्रयासों से बड़ी तादाद में बालिकाओं को सकुशल रेस्क्यू किया गया है। पूरे प्रदेश में महिला और बाल सुरक्षा के मामलों में त्वरित और असरदार कार्रवाई के लिए पुलिस बल लगातार जमीन पर काम कर रहा है।

इस समीक्षा बैठक में महिला सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने पर भी मंथन हुआ। इसके साथ ही पीड़ित सहायता प्रणाली को बेहतर करने और महिलाओं से जुड़े मामलों में काम करने वाली अलग-अलग संस्थाओं के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

इस अहम चर्चा के दौरान पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक (एसडीजी) श्री अनिल कुमार समेत महिला विंग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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