असम के जोरहाट स्थित रौरिया भारतीय वायुसेना स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 10 बजे लैंडिंग के समय वायुसेना का एक विमान दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें पायलट सहित पांच जवानों की जान चली गई। मृतकों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम के रूप में हुई है। इस हादसे में सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब विमान रनवे पर उतरने का प्रयास कर रहा था। वायुसेना के अधिकारियों के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने से विमान हादसे का शिकार हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान दो हिस्सों में टूट गया और उसमें तुरंत भीषण आग लग गई। दुर्घटनाग्रस्त विमान एएन-32 (AN-32) श्रेणी का एक मालवाहक विमान था, जिसका मुख्य उपयोग सैन्य बलों और रसद सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
हादसे का शिकार हुए जवानों में अग्निवीरवायु दानिश आलम बिहार के निवासी थे, जबकि अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत राजस्थान के रहने वाले थे। वहीं, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ही जवानों के घरों में हाल ही में शादी की बातचीत चल रही थी। हादसे की खबर मिलते ही मृत जवानों के पैतृक गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।
भारतीय वायुसेना ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि विमान अपनी नियमित उड़ान (रुटीन सॉर्टी) पर था। वायुसेना ने जनता और मीडिया से अपील की है कि जब तक इस मामले की शुरुआती जांच के आधिकारिक नतीजे सामने नहीं आ जाते, तब तक हादसे के कारणों को लेकर किसी भी तरह की अटकलें या अनुमान न लगाए जाएं। दुर्घटना की वास्तविक वजहों का पता लगाने के लिए वायुसेना मुख्यालय द्वारा ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (उच्च स्तरीय जांच) के आदेश दे दिए गए हैं।